नई दिल्ली, फरवरी 2 -- सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण रोधी कानूनों की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली 'नेशनल काउंसिल ऑफ चर्चेज इन इंडिया' (एनसीसीआई) की नई याचिका पर सोमवार को केंद्र और 12 राज्यों को नोटिस जारी किया। जनहित याचिका एनसीसीआई द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा के जरिये दाखिल की कई। याचिका में धर्मांतरण रोधी कानूनों के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया गया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एनसीसीआई की दलीलों पर संज्ञान लेते हुए केंद्र तथा 12 राज्य सरकारों से चार सप्ताह में जवाब-तलब किया। मुख्य न्यायाधीश ने नई जनहित याचिका को इसी मामले में दाखिल अन्य याचिकाओं के साथ संबद्ध करने का निर्देश दिया और कहा कि तीन जज की पीठ इन सभी पर एकसाथ सुनवाई करेगी। केंद्र सरकार का पक्ष रखने के लिए पीठ ...