मेरठ, फरवरी 20 -- हस्तिनापुर । कैलाश पर्वत पर विश्व की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए 48 दिवसीय भक्तामर विधान में नित्य नियम पूजन किया। विधान के बारहवें दिन सौधर्म इंद्र व भगवान का अभिषेक अर्पित जैन व शांतिधारा विकेश जैन, कमल रजत ने की। आरती का दीप रेखा जैन,, विनायका जैन,, पदमा जैन ने प्रज्वलित किया। गुरुवार को 88 परिवारों की ओर से भक्तामर विधान का आयोजन किया। विधान के मध्य में भाव भूषण महाराज प्रवचन करते हुए कहा कि दूसरों की कमी देखने के बजाय व्यक्ति को उनके गुणों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिनिंदा करने के स्थान पर मनुष्य को अपने भीतर झांकना चाहिए। उन्होंने धर्म को परिभाषित करते हुए कहा कि शास्त्र सम्मत जीवन जीने की जो विधि बताई गई है, वह धर्म है। धर्मशीलता से सुख वृद्धि होती है। धर्म के चार चरण सत्य, दया, तप व दान है। जो मानव एक भ...