संतकबीरनगर, मई 7 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल बखिरा के पीतल बर्तन उद्योग की चमक लौटाने का बहुत ढिंढोरा पीटा गया। केंद्र और राज्य सरकार के जरिए 10.57 करोड़ रुपये की कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनाने की स्वीकृति भी करीब साढ़े तीन साल पहले मिली, लेकिन अब तक धरातल पर योजना के नहीं उतर पाने से बर्तनों की चमक फीकी ही रह गई। अब यूपीआईए की ओर से आयुक्त एवं निदेशक उद्योग को पत्र देकर योजना की याद दिलाई गई। इससे जुड़े कारीगरों और उद्यमियों का पलायन रोकने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की गई है। बखिरा कस्बे में 150 साल पहले फूल, पीतल अैर गिलट के बर्तनों के कई उद्योग थे। हुनरमंद कारीगर पीढ़ी दर पीढ़ी लोटा, गिलास, कटोरा, थाल, परात, बटुली-बटुला, गगरा, करछुल, कड़ाही, हंडी-हंडा आदि बर्तन बनाते रहे हैं। कस्ब...
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