वाराणसी, मई 7 -- सारनाथ। केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान एवं अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान की ओर से बुधवार को तीन दिवसीय कार्यशाला 'धम्मपद कैसे पढ़ें का आयोजन किया गया। प्रथम दिन तिब्बती संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी ने कहा कि धम्मपद पढ़ने से लोगों में स्वतंत्र विचार की उत्पत्ति होती है। इसे आचरण में उतारने से संसार के क्षणभंगुरता का ज्ञान होता है। प्रो. अवधेश प्रधान ने कहा कि धम्म पद की गाथाएं जीवन को सुंदर बनाने का संदेश देती हैं। प्रो. सदानंद शाही ने धम्मपद की प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. रामसुधार सिंह ने कहा कि धम्मपद बौद्धों के लिए गीता माना गया है। धन्यवाद ज्ञापन संस्थान की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा ने किया। इस मौके पर डॉ. नवांग तेनफेल, डॉ. अनुराग त्रिपाठी, डॉ. ज्योति सिंह,...
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