वाराणसी, जनवरी 25 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। आचार्य विद्यासागर महामुनिराज के शिष्य समता सागर महाराज ने कहा कि भगवान से भौतिक सुखों की मांग के बजाए मोक्ष प्राप्ति की कामना करें। मंदिर में कुछ मांगने की चाहत से न जाएं। प्रभु से आत्मकल्याण की कामना करें। धन संचय की चिंता न करें, परोपकार करें। जैन मुनि एवं साध्वी के काशी आगमन पर जैन समाज के लोगों ने तीन दिवसीय महामहोत्सव का आयोजन किया है। पहले दिन रविवार को भेलूपुर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में छत्तीस विधान एवं प्रवचन हुआ। इस दौरान समता सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य 84 लाख योनियों में सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है। आप इसे साकार करें। इससे पहले समता सागर महाराज, मुनि अतुल सागर, निश्चय सागर, निजानंद सागर, संयम सागर भगवान चंद्रप्रभु की जन्मस्थली चंद्रावती (चौबेपुर) से पद विहार करते सुबह भेलूपुर स्थ...