मुरादाबाद, जनवरी 31 -- 15 वें वित्त आयोग से मिले धन के उपयोग में शिथिल सचिवों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस फंड से गांव में स्वच्छता, जन स्वास्थ्य के कार्यक्रम कराए जाने हैं। 643 ग्राम पंचायत के लिए 60 करोड रुपए पंचायत के खाते में पड़े हैं। जबकि, वित्तीय वर्ष के सिर्फ दो महीने बाकी हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विकास प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। जिला विकास अधिकारी गोविंद बल्लभ पाठक ने बताया कि जनपद में 80 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कार्रवाई की जद में आए हैं। विकास कार्यों के शिथिल क्रियान्वयन के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। करीब 80 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के वेतन रोके गए हैं। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...