प्रयागराज, अक्टूबर 8 -- नैनी। जन सेवा समिति रामलीला नैनी में छठी लाल चंद्रोल के कुशल निर्देशन में आदर्श रामलीला कला मंदिर के कलाकारों ने धनुष भंग की लीला का मनोहारी मंचन किया। सीता स्वयंवर में आए लंकाधिपति रावण और महापराक्रमी बाणासुर के बीच संवाद को सुनकर दर्शक रोमांचित हो गए। अगले दृश्य में महाराज जनक का धरती को वीरों से खाली कहना, लक्ष्मण को उत्तेजित कर गया। उचित समय जानकर महर्षि विश्वामित्र ने राम को धनुष उठाने की आज्ञा दी। गुरु आज्ञा प्राप्त होते ही राम ने पलक झपकते ही धनुष भंग कर दिया। धनुष भंग होते ही सीता ने राम के गले में जयमाल डाल दी। चारों ओर सियावर रामचंद्र की जय के जयकारे गूंजने लगे।

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