गंगापार, अक्टूबर 13 -- क्षेत्र के परसरा बसंती गांव में जय मां शारदा रामलीला नाट्य समिति के बैनर तले चल रही रामलीला में रविवार की रात्रि में धनुष यज्ञ लीला का मंचन कलाकारों द्वारा किया गया । मंच पर जनक की प्रतिज्ञा और रावण बाणासुर संवाद देख लोग रोमांचित हो गए। जनक की प्रतिज्ञा को मौजूद राजाओं के बीच उनके बंदीजन ने विस्तार से बताया । इस बीच मौजूद राजाओं ने धनुष का खंडन करने का पूरा प्रयास किया लेकिन जब धनुष किसी से नहीं उठ सका तो जनक जी को दुख हुआ और उन्होंने राजाओं से कहा को वह अब चले जाए उन्हें विश्वास हो गया कि अब पृथ्वी वीरों से खाली है। जनक की बात को सुन लखन लाल को क्रोध आ गया और उन्होंने जनक जी की अप्रिय बातों का आवेश में आकर जवाब दिया । लखन लाल को श्री राम जी ने समझा बुझाकर शांत कराया और विश्वामित्र जी श्री राम को आज्ञा दिया कि हे वत...
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