हमीरपुर, जनवरी 2 -- मुस्करा। ब्लाक के बिहूंनी गांव में आयोजित हो रही रामलीला के तीसरे दिन ''धनुष यज्ञ'' और ''परशुराम-लक्ष्मण संवाद'' का मंचन किया गया। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम द्वारा शिव का धनुष तोड़ते ही पूरा पंडाल ''जय श्री राम'' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि जगत राज बाबू, बृजेंद्र राजपूत, डॉ.सुभाष सक्सेना और बिहूंनी कला के प्रधान प्रतिनिधि छत्रपाल सिंह राजपूत द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। रामलीला की शुरुआत राजा जनक के दरबार से हुई, जहां देश-देशांतर से आए राजा जब धनुष उठाने में असमर्थ रहे, तो राजा जनक भावुक होकर बोले "जनि जानहु सुभट मुसाहब मोरे, कोउ न रहयौ बिदित जग कोरे" (अर्थात: क्या यह पृथ्वी वीरों से खाली हो गई है?)। इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्री राम ने जैसे...
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