नई दिल्ली, दिसम्बर 29 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित धोखाधड़ी और नकली ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बिक्री से जुड़े धनशोधन मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर संदीपा विर्क को नियमित जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि कथित लेन-देन के लगभग एक दशक बाद शुरू हुए मामले में आरोपी को लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने जमानत याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि धनशोधन अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू करने में बिना किसी ठोस कारण के अत्यधिक देरी हुई है। अदालत ने नोट किया कि कथित लेन-देन वर्ष 2008 से 2013 के बीच के हैं, जबकि प्रवर्तन निदेशालय ने प्राथमिकी के करीब नौ साल बाद, वर्ष 2025 में आरोपपत्र दाखिल किया। ईडी के अनुसार, विर्क पर फिल्म में लीड रोल दिलाने के नाम पर एक महिला से करीब छह करोड़ रुपये...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.