पिथौरागढ़, अक्टूबर 3 -- एकादशी पर लगने वाले धनलेख, छुरमल मेले मेले में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सिंगाली और गर्खा के शीर्ष में स्थित धनलेख में आधा दर्जन धार्मिक जातें पहुंची। इससे क्षेत्र ढोल नगाड़ों की आवाज से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से छुरमल देवता की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समुद्धि की कामना की। सतगढ़ के छुरमल मंदिर में एकादशी मेला उत्साह से मनाया गया। शुक्रवार को सतगढ़, पनखोली, पंगाश्री पलेटा से पांच दशक पुराने ढोल के साथ लोग मंदिर पहुंचे। इस दौरान देवडांगरों में छुरमल, कासिन, बेताल, गौरिल व असुर देवता ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीष दी। मंदिर में दिन-भर पूजा-अर्चना का दौर चला।
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