नई दिल्ली, अक्टूबर 18 -- हर माह की त्रयोदशी तिथि विशेष महत्व रखती है। इस दिन प्रदोष व्रत किया जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना का दिन है और व्रत रखने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस पड़ता है। धनतेरस से ही दीपावली महापर्व की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। धनतेरस पर विशेष रूप से धन, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना के लिए पूजा और दान किया जाता है। धनतेरस के दिन ही प्रदोष व्रत भी होता है। इस साल धनतेरस पर शनि प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। शनि प्रदोष में शनि देव की पूजा और व्रत करने से जीवन में स्थिरता आती है, कष्ट कम होते हैं और अनुशासन बढ़ता है। आइए जानते हैं, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र और उपाय-धनतेरस पूजा मुहूर्त - 07:16 पी एम से 08:20 पी ए...
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