नई दिल्ली।, जुलाई 27 -- देश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति में फंसती जा रही है। पहले उसके सामने पार्टी के सर्वोच्च पद के लिए अपने वैचारिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ सहमति बनाने की चुनौती थी। अब भाजपा को देश के नए उपराष्ट्रपति पद के लिए भी माथापच्ची करनी पड़ेगी। भाजपा अध्यक्ष का चुनाव और लंबा खिंच गया है। उपराष्ट्रपति के अचानक इस्तीफा देने से यह स्थिति पैदा हुई है। पार्टी का पूरा ध्यान अब नए उपराष्ट्रपति के चुनाव पर केंद्रित हो गया है और संगठन के चुनाव का मामला एक बार फिर ठंडा पड़ गया है। नए पार्टी अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं फिर से बंद हो गई हैं और इसके चलते कई राज्यों के अध्यक्षों का मामला भी लटक गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी के संगठन चुन...
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