नई दिल्ली, अगस्त 6 -- Dwadash jyotirling stotra in hindi: भगवान शिव को समर्पित सावन माह अब समापन की ओर है। सावन के पवित्र महीने में कई शिव भक्त ज्योतिर्लिंगों का दर्शन करते हैं और शिव कृपा प्राप्त करते हैं। लेकिन कई लोग ऐसे होते हैं जो सभी 12 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन नहीं कर पाते हैं। इस स्थिति में प्रतिदिन द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का अर्थ सहित पाठ करके भगवान शिव की कृपा के साथ उस फल को प्राप्त कर सकते हैं जो सभी ज्योतिर्लिंग के दर्शन से मिलता है। आदि शंकराचार्य जी द्वारा रचित ज्योतिर्लिंग स्तोत्र में भगवान शिव के सभी ज्योतिर्लिंगों की महिमा का वर्णन किया गया है। जानें द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का अर्थ व जपने के लाभ। 12 अलग-अलग स्थानों में विद्यमान हैं ज्योतिर्लिंग: भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग 12 अलग-अलग स्थानों में विराजमान हैं। हिंदू ...
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