विधि संवाददाता, जनवरी 21 -- पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार को दुष्कर्म के आरोप से जुड़े एक मामले में अहम फैसले सुनाते हुए कहा कि दो वयस्कों के बीच सहमतिपूर्ण संबंध को बलात्कार नहीं माना जा सकता है। न्यायाधीश सोनी श्रीवास्तव की एकलपीठ ने धारा 376 के तहत दर्ज केस को निराधार करार दिया। साथ ही भागलपुर के अपर सत्र न्यायाधीश के आदेश को निरस्त कर दिया। पीठ ने मोहम्मद सैफ अंसारी की ओर से दायर अर्जी पर यह फैसला सुनाया। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि अभियुक्त ने विवाह का झांसा देकर एक वर्ष तक पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जबकि, अभियुक्त की दलील थी कि दोनों बालिग थे और संबंध सहमति से बने थे। हाईकोर्ट ने कहा कि झूठा वादा और विवाह का पूरा न हो पाना दो अलग-अलग बातें हैं। यदि परिस्थितिवश विवाह नहीं हो सका, तो मात्र इसी आधार पर दुष्कर्म का अपराध नहीं ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.