औरैया, जनवरी 7 -- औरैया, संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सात नवंबर को देशभर में सड़कों, स्कूलों और संस्थागत परिसरों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी को लेकर की गई सख्त टिप्पणी के बावजूद जिले में हालात जस के तस बने हुए हैं। कोर्ट ने कहा था कि यह केवल कुत्तों के काटने का मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है, लेकिन आदेश के दो माह बाद भी ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। जिले के स्कूलों, अस्पतालों, बस डिपो, रेलवे स्टेशन, सरकारी दफ्तरों और स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के आसपास आज भी आवारा कुत्तों का झुंड देखा जा सकता है। खासतौर पर सुबह और शाम के समय इन स्थानों पर आवाजाही करने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई स्कूलों में बच्चों को कुत्तों के डर से समय से पहले घर भेजने की शिकायतें भी सामने आई हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो ...