संभल, दिसम्बर 14 -- संभल, कार्यालय संवाददाता। धनारी क्षेत्र के ग्राम मेथरा धरमपुर निवासी रामौतार पर टूटा यह दर्द शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता। शादी में खुशी-खुशी भेजे गए दो मासूम बेटों का घर लौटकर आना तो दूर, उनका शव भी अलग-अलग जगहों से मिला। बड़ा बेटा अमरपाल (14) दो दिन बाद जंगल में मृत मिला तो छोटे बेटे कमल (10) के सकुशल लौटने की आखिरी उम्मीद भी 16वें दिन तब टूट गई जब उसका क्षत-विक्षत शव तालाब के किनारे कीचड़ में पड़ा मिला। जिस बेटे को ढूंढने के लिए पिता रातों भर जागते रहे, उसी के शरीर को कुत्ते नोचते देख वे वहीं बेसुध होकर रोने लगे। दो बेटों की मौत ने बहन को भी पूरी तरह अकेला कर दिया है। गांव में मातम पसरा है और पिता की आंखें एक ही सवाल पूछ रही हैं, इन मासूमों का क्या कसूर था? एक ही झटके में टूट गया बचपन का सहारा संभल। मेथरा धरमपु...