मथुरा, जनवरी 12 -- मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही मनाया जाता है। यह वह क्षण होता है, जब सूर्य उत्तरायण होते हैं और खरमास के बाद शुभ काल आरंभ होता है। धार्मिक दृष्टि से यह समय आत्मशुद्धि और पुण्य अर्जन के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इस बार ब्रज में 'मकर संक्रांति' को लेकर लोगों में तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो पंचांग की गणना के अनुसार साल 2026 में सूर्य देव 14 जनवरी की सुबह 09.03 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय नियमों के अनुसार जिस दिन सूर्य का मकर राशि में गोचर होता है, उसी दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है। इसलिए इस वर्ष 14 जनवरी को ही मुख्य पर्व मनाया जाएगा, लेकिन सूर्य उदय के बाद मिलने वाले आठ घंटों को ही संक्रांति काल माना जाता है औ...