मिर्जापुर, दिसम्बर 2 -- मिर्जापुर। बरकछा स्थित साउथ कैंपस की व्यवस्थाएं दो दशक गुजर जाने के बाद भी दुरुस्त नहीं हो पायी है। छात्र-छात्राओं से स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम के नाम पर मोटी फीस वसूलने के बावजूद छात्र-छात्राओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा भी नहीं दी जा रही है। स्थिति यह है कि साउथ कैंपस में शिक्षण करने वाले प्राध्यापक भी बीमार होने पर इलाज कराने के लिए मुख्य परिसर चले जाते हैं। बीएचयू के तत्कालीन कुलपति प्रो. पंजाब सिंह ने वर्ष-2004 में बरकछा स्थित साउथ कैंपस की नींव रखी थी। लगभग 27 सौ एकड़ में फैले साउथ कैंपस में उन्होंने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में 16 पाठ्यक्रमों का संचालन कराने के साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए आधा दर्जन हास्टल, शिक्षकों के लिए आवास एवं अन्य व्यवस्थाएं करा दीं। इसके अलावा साउथ कैंपस के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और आ...