नई दिल्ली, अप्रैल 22 -- दिल्ली में विधानसभा चुनाव की हार के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए MCD (दिल्ली नगर निगम) में मेयर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है। अरविंद केजरीवाल की अगुआई वाली पार्टी के इस कदम से दिल्ली में 'भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार' का रास्ता साफ हो गया है। भाजपा के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख रखने वाली 'आप' ने आखिर क्यों बिना लड़े ही उसके सामने हथियार डाल दिया, राजनीतिक विश्लेषक इसका जवाब तलाशने में जुटे हैं। फिलहाल इतना कहा जा रहा है कि आप ने दो डर और एक फायदे की उम्मीद में एमसीडी की सत्ता आसानी से अपने हाथ से जाने देने का फैसला किया है। हालांकि, 2 साल बाद एमसीडी चुनाव में 'आप' के लिए यह दांव उलटा भी पड़ सकता है।किन दो बातों का था डर 'आप' ने भले ही यह कहकर हाई मोरल ग्राउंड लेने की कोशिश की कि चुनाव ...
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