लखनऊ, दिसम्बर 29 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता सवेरा फाउंडेशन की ओर से पारम्परिक लोकनाट्य 'धनुष भंग - रामलीला का मंचन सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में किया गया। संजय त्रिपाठी के निर्देशन में नाट्य प्रस्तुति रामलीला के प्रसिद्ध प्रसंग धनुष भंग पर आधारित थी। कथा की शुरुआत मारीच के दरबार से हुई, जहां राक्षसों द्वारा विश्वामित्र के आश्रम में उपद्रव का प्रसंग सामने आया। इसके बाद विश्वामित्र का अयोध्या पहुंचना और राजा दशरथ से राम व लक्ष्मण को आश्रम की रक्षा के लिए ले जाना दिखाया गया। धनुष भंग के बाद परशुराम का आगमन, लक्ष्मण से संवाद और अंत में श्रीराम द्वारा परशुराम के क्रोध को शांत करने का दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। पूरी प्रस्तुति में संवाद सरल और लोकशैली में रहे, जिससे ग्रामीण रामलीला की परम्परा स्पष्ट रूप से झलकी। मंच ...