रांची, जून 20 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। खूंटी जिला बल के एएचटीयू थाने के तत्कालीन दरोगा संतोष रजक व अन्य पुलिसकर्मी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दोषी पाया है। आयोग ने इस मामले में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 18 के तहत सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, मुख्य सचिव के माध्यम से आयोग ने पूछा है कि क्यों न नाबालिग पीड़ित को एक लाख रुपये के मुआवजे की अनुशंसा की जाए। इस संबंध में चार सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने बैद्यनाथ कुमार की शिकायत पर जांच में पाया है कि पीड़ित नाबालिग था और दोषी पुलिस अधिकारियों का कृत्य स्पष्ट रूप से भारतीय न्याय संहिता, 2023 और किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन है। आयोग ने लिखा है कि दोषी पुलिस अफसर को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन राज्य को उसके और अन्य क...
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