नई दिल्ली, मई 29 -- सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को खनन माफिया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए गुरुवार को कड़ी फटकार लगाई। इन अधिकारियों पर वन कानूनों का उल्लंघन करने और नूंह में अरावली से निकाले गए पत्थरों को अवैध रूप से राजस्थान ले जाए जाने में मदद करने का आरोप है। मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने इस मामले में हरियाणा के मुख्य सचिव द्वारा दायर हलफनामे की कड़ी आलोचना की। पीठ खनन माफिया द्वारा अरावली की संरक्षित वन भूमि पर राज्य सरकार के अधिकारियों की मिलीभगत से 1.5 किलोमीटर लंबी अनधिकृत सड़क के निर्माण से संबंधित याचिका पर विचार कर रही थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मुख्य सचिव के हलफनामे में यह पता नहीं चलता कि दोषी अधिकारियों और खनन माफिया के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। पीठ ने...
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