हजारीबाग, अक्टूबर 27 -- हजारीबाग । हजारीबाग में छठ पूजा काफी प्राचीन है। यहां 1500 वर्ष के प्रमाण मिले हैं। चौपारण के दैहर में भगवान सूर्य की दुर्लभ प्रतिमा है। दो साल पहले झारखंड आर्कियोलोजी डिपार्टममेंट के शिवकुमार भगत, पटना सर्किल के राजेंद्र देवरी ने यहां का दौरा किया था। इसके गुप्त और गुप्तोत्तर काल की होने का अनुमान लगाया जाता है। पुरातत्वविद और जानकार भी इससे इत्तेफाक रखते हैं। इस क्षेत्र में सूर्य पूजा की परंपरा 15 सौ साल से भी अधिक पुरानी रही है। संतकोलंबा कॉलेज के इतिहास के प्राध्यपक डॉ शत्रुघ्न पांडेय का कहना है कि सूर्य की पूजा लोक परंपरा के रूप में होती रही है। वैदिक काल में सूर्य को विश्वात्मा के नाम से जाना जाता रहा है। चौपारण के दैहर और मानगढ़ गांवों में मिली भगवान सूर्य की दुर्लभ प्रतिमाएं हैं। दैहर में निजी स्तर की खुदाई...
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