प्रतापगढ़ - कुंडा, अक्टूबर 27 -- प्रतापगढ़, संवाददाता। मुंबई रेलवे में इंजीनियर पद से रिटायर हुए बेल्हा के रमेश चंद्र मौर्य ने करीब 14 साल पहले देहदान का संकल्प लिया था। रविवार को उनकी मौत के बाद सोमवार को परिजनों और गणमान्य लोगों ने मेडिकल कॉलेज परिसर पहुंचकर देहदान का संकल्प पूरा कराया। इस दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि इं. रमेश चंद्र मौर्य मौत के बाद भी काम आएंगे। मेडिकल कॉलेज में उनके शव से सीखकर हजारों नए डॉक्टर तैयार होंगे। पट्टी के डेढ़ुआ गांव निवासी 75 वर्षीय रमेश चंद्र मौर्य का जन्म 30 जून 1951 को हुआ था। उन्होंने लंबे समय तक मुम्बई रेलवे में इंजीरियर के पद नौकरी की। 2010 में रिटायर हुए। करीब 14 साल पहले उन्होंने मौर्य सभा प्रतापगढ़ के माध्यम से मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज को अपनी मौत के बाद देहदान करने की घोषणा की थी। रविवा...
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