नई दिल्ली, फरवरी 12 -- देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली सिविल सेवाओं जैसे IAS, IPS और IFS को लेकर चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जिन सेवाओं को देश की प्रशासनिक रीढ़ कहा जाता है, वहीं हजारों पद आज भी खाली पड़े हैं। केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में साझा किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन तीनों सेवाओं में 2,800 से ज्यादा पद अभी तक भरे ही नहीं जा सके हैं। यह स्थिति तब है जब हर साल लाखों युवा UPSC की परीक्षा देते हैं और इसे देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा माना जाता है।कुल कितने पद स्वीकृत और कितने भरे? सरकार के अनुसार IAS, IPS और IFS के कुल 15,169 स्वीकृत पद हैं। इनमें से केवल 12,335 पदों पर ही अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 2,834 पद खाली हैं। 1 जनवरी 2025 तक के आंकड़ों में IAS में 1300 पद, IPS में 505 पद IFS में 1029 पद खाली यानी विदेश स...