लखनऊ, मार्च 21 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। भाजपा के राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्या ने शुक्रवार को सदन में शून्यकाल के दौरान पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत संसद की तरह देश में ग्राम संसद की स्थापना की मांग रखी। उन्होंने इसकी रूपरेखा बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर प्रत्येक माह एक सत्र आयोजित किया जाए, जिसमें ग्राम प्रधान, ग्राम सभा सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ गांव के विकास की योजनाओं पर चर्चा हो। उनकी सामूहिक सहभागिता से प्रस्ताव पारित हो। इससे लोकतंत्र की मूल अवधारणा, विकेंद्रीकरण को और अधिक निर्णायक, सशक्त, प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जा सकेगा। मौर्या ने कहा कि यह पहल ग्राम विकास, जनभागीदारी एवं सुशासन को नई दिशा देगी, जिससे स्थानीय लोकतंत्र अधिक जवाबदेह और निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी बनेगी।
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