नई दिल्ली, नवम्बर 7 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एयर इंडिया बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के पायलट-इन-कमांड, दिवंगत कैप्टन सुमीत सभरवाल के पिता से कहा कि देश में कोई भी यह नहीं मानता कि यह पायलट की गलती थी। जस्टिस सूर्यकांत और उज्जल भुइयां की पीठ ने यह टिप्पणी 91 वर्षीय पुष्कर सभरवाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की। सभरवाल ने इस दुर्घटना की स्वतंत्र और तकनीकी रूप से ठोस जांच की मांग की है, जिसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाए। इस क्रैश में 260 लोगों की जान गई थी, जिसमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे। एयर इंडिया विमान हादसे की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और अन्य संबंधित पक्षों को नोटि...
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