नई दिल्ली, फरवरी 1 -- एन के सिंह,15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष भारत के आम बजट 2026 को किसी भी दृष्टिकोण से देखिए, इसे विश्वसनीय, जिम्मेदार और दूरदर्शी बजट कहा जा सकता है। अव्वल तो बजट-चर्चा शुरू करने से पहले हमें दुनिया के हालात पर जरूर नजरें फेर लेनी चाहिए। उसके बाद ही यह सोचना चाहिए कि ऐसे क्या कदम उठाए जा सकते हैं, जिनसे हमारे सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि हो। वृद्धि भी कम नहीं, कम से कम उतनी हो, जितनी नए आर्थिक सर्वेक्षण में बताई गई है। रविवार को पेश केंद्रीय बजट में खास यह है कि व्यापार या उद्योग को विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में देखा गया है। वित्त मंत्री ने दूरदर्शिता दिखाते हुए सहयोगी देशों के साथ तालमेल बिठाने के लिए सीमा शुल्क सुधार की बड़ी कोशिश की है। इससे निवेश दक्षता और व्यापार संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और लगातार उच्...
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