नई दिल्ली, नवम्बर 26 -- पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की जरूरत पर बल दिया। साथ ही कहा कि आजादी का अमृत काल, समान नागरिक कानून पर संवैधानिक दिशानिर्देश को अंगीकार करने का अवसर है। नकवी ने संविधान दिवस के अवसर पर दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में यह भी कहा कि समान नागरिक कानून, पूरे मुल्क के लिए है, किसी मजहब के लिए नहीं है। यह एक देश, एक क़ानून भारत की जरूरत है। नकवी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की मूल संवैधानिक भावना और समावेशी सोच को सशक्त करने के लिए समान नागरिक संहिता मुल्क, मजहब, मानवता की जरूरत है। यह भी कहा कि संवैधानिक-समावेशी सुधार पर सांप्रदायिक प्रहार करने वाले न तो मुल्क के हितैषी हैं न किसी मजहब के।
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