आदित्यपुर, नवम्बर 14 -- जयंती विशेष चांडिल, संवाददाता। देश के प्रथम प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहरलाल नेहरू वर्ष 1951 में चांडिल में आये थे। वह बीमार आचार्य विनोबा भावे को देखने आये थे। आचार्य विनोबा भावे भूदान आंदोलन के दौरान जब चांडिल पहुंचे थे, तब यहां बीमार पड़ गये थे। इस दौरान विनोबा भावे चांडिल बाजार स्थित खेतान भवन में करीब तीन माह तक ठहरे थे। आचार्य विनोबा भावे के बीमार होने की खबर सुनकर देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू चांडिल स्थित खेतान भवन पहुंचे थे तथा विनोबा भावे का हालचाल जाना था। जवाहरलाल नेहरू काफी देर तक विनोबा भावे के साथ रहे तथा इलाज संबंधित जानकारी ली थी। पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी थे। उस वक्त चांडिल में टेलीफोन की सुविधा नहीं थी। विनोबा भावे का टेलीफोन से हालचाल जानने के लि...
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