नई दिल्ली, फरवरी 23 -- उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है, जहां हर कदम पर प्रकृति और आस्था का संगम दिखाई देता है। लेकिन रुद्रप्रयाग जिले में स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर इस देवभूमि की अनोखी विरासत है। यहां किसी मूर्ति या प्रतिमा की नहीं, बल्कि भगवान कार्तिकेय की अस्थियों की पूजा की जाती है। यह मंदिर त्याग, प्रेम और समर्पण का जीवंत प्रतीक है। आइए जानते हैं इस मंदिर की खास बातें और कथा।मंदिर तक पहुंचने की लंबी यात्रा कार्तिक स्वामी मंदिर रुद्रप्रयाग-पोखरी मार्ग पर कनकचौरी गांव के पास पहाड़ की चोटी पर स्थित है। कनकचौरी गांव से लगभग 3 किमी की आसान लेकिन खड़ी पैदल ट्रेकिंग करनी पड़ती है। रास्ते में हरे-भरे जंगल, पहाड़ों की सुंदर वादियां और ठंडी हवाएं यात्रा को रोमांचक बनाती हैं। ऊपर पहुंचकर पूरा दृश्य स्वर्ग जैसा लगता है। मंदिर साल भर खुला रहता है...
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