नई दिल्ली, जनवरी 2 -- सुशीला नायर,तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री श्रीमन्, मैंने बहुत ध्यान से माननीय सदस्यों के भाषण सुने। मैं सबसे पहले यह कहना चाहती हूं कि मुझे और मेरे साथियों को भी इस बात या प्रदूषित जल संबंधी शिकायत का दुख है। अगर दिल्ली में रहने वाले किसी भी छोटे या बड़े व्यक्ति को तकलीफ होती है, तो हमको दुख होता है और हम चाहते हैं कि किसी को तकलीफ न हो। पानी के कारण और अन्य कारणों से जो बीमारियां इस मुल्क में सदियों से जनता की जान लेती रही हैं, उन बीमारियों की रोकथाम के लिए जितनी मेहनत हो सकती है, उतनी दिन और रात हम कर रहे हैं और उसमें बहुत कुछ सफलता भी प्राप्त हुई है। कहीं-कहीं उसमें असफलता भी हुई है। उस असफलता के लिए हमको दुख है। लेकिन उस असफलता को लेकर जब ऐसी-ऐसी बातें कही जाती हैं, जैसे किसी ने कुछ किया ही न हो, तो थोड़ा सा अफसोस हो...