मुरादाबाद, जून 7 -- बाजार में मिलावटी खाद्य सामग्री की भरमार है। जानकारी के अभाव में आम आदमी घटिया और मिलवाटी खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करता है नतीजा उसकी सेहत बिगड़ने के रूप में सामने आती है। यह तब है जब खाद्य पदार्थों में वायरस का लोड जांचा जाता। अधोमानक और असुरक्षित खाद्य पदार्थ ही लैब से घोषित होते हैं माइक्रोबियल जांच का इंतजाम लखनऊ के अलावा किसी मंडल मुख्यालय में अभी तक नहीं है। मिलावट रोकने के लिए वर्तमान इंतजाम नाकाफी हैं। रिपोर्ट जब तक मिलती है व्यक्ति की सेहत खराब हो चुकी होती है। मिलावट का सेहत पर इतना कहर है कि नमूनों की रिपोर्ट इसकी तस्दीक कर रही है। आंकड़ों पर निगाह डालें तो वित्तीय वर्ष 2024-25 में 475 जांच रिपोर्ट के सापेक्ष 136 नमूने फेल घोषित किए गए। चिंताजनक यह है कि इस वर्ष 27 नमूने अनसेफ घोषित हुए हैं जिनका इस्तेमाल ...
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