सहरसा, फरवरी 4 -- सहरसा। बिहार बजट में डेयरी, मत्स्यपालन, पशुपालन और मखाना उद्योग को बढ़ावा देने की घोषणा हुई है। कोसी और सीमांचल के सात जिले के लोगों की जीविका का यही आधार है। इसीलिए जनाकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार के बजट में इन्हें प्रोत्साहित करने के प्रावधान किए गए हैं। इन उत्पादों पर आधारित उद्योग इन क्षेत्रों में खुल जाएं तो खेती और किसानी दोनों समृद्घ हो जाएंगे। दूध, मछली और मखाना उत्पादकों के दिन बहुरेंगे। बजट में मधेपुरा में 50 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता के दुग्ध शीतक केन्द्र की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त डेयरी, मत्स्य, पशुपालन व मखाना उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति का गठन तथा प्रत्येक पंचायत में सुधा बिक्री केन्द्र खोले जाने की भी व्यवस्था की गई है। कोसी के सहरस...
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