बिजनौर, दिसम्बर 30 -- ग़ज़ल सम्राट दुष्यंत कुमार की पुण्यतिथि पर ग्राम शादीपुर स्थित विवेक पुस्तकालय में एक सादगीपूर्ण कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर साहित्य प्रेमियों और युवाओं ने उनकी कविताओं और ग़ज़लों का काव्य पाठ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षाविद देवेंद्र कुमार ने कहा कि दुष्यंत कुमार जन चेतना के कवि थे। उन्होंने अपनी कलम के माध्यम से सत्ता और व्यवस्था में व्याप्त कमियों को बेबाकी से उजागर किया। उनकी ग़ज़लें आम आदमी की आवाज बनकर सड़क से लेकर सत्ता के गलियारों तक गूंजती रही हैं। उन्होंने कहा कि दुष्यंत कुमार को हिंदी ग़ज़ल का प्रणेता कहा जाता है और आज भी संसद में उनके शेर सबसे अधिक पढ़े जाते हैं, चाहे वह सत्ता पक्ष हो या विपक्ष। देवेंद्र कुमार ने कहा कि दुष्यंत कुमार की रचनाएं आज भी...
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