लखनऊ, मई 29 -- दरिंदों ने दुष्कर्म के बाद एक बच्ची के गले में आठ इंच की कील ठोंक दी। गंभीर अवस्था में पुलिस और परिवारीजन उसको केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर लाए। यहां डॉक्टरों ने बच्ची का जटिल ऑपरेशन कर कील निकालकर नया जीवन दिया है। डॉक्टरों का दावा है कि बच्ची अब खतरे से बाहर है। बलरामपुर जिले की सात साल की बच्ची के साथ 15 मई को दरिंदों ने दुष्कर्म किया और उसके गले में ठोढ़ी के निचले हिस्से में कील ठोंक दी थी। खून से लथपथ बच्ची को लेकर परिवारीजन निजी अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची को जिला अस्पताल रेफर कर दिया था, जहां से उसे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। परिवारीजन बच्ची को लेकर 16 मई की रात में ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां रेजिडेंट डॉक्टर समय, डॉ. आशुतोष और डॉ. प्रज्वल ने बच्ची को देखा। ट्रॉमा सर्जरी विभाग के ड...
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