औरैया, दिसम्बर 16 -- एरवाकटरा, संवाददाता। दुर्वासा ऋषि मंदिर में श्रद्धालुओं को तिलक करने वाला अब्दुल पिछले चालीस साल से यह काम कर रहा है। वह हर साल मेले में आता है। और साधू के वेश में लोगों को तिलक करता है। सोमवार को संदेह के आधार पर उसे पूछताछ की गई तब पता चला कि वह मुस्लिम है। और उसका नाम अब्दुल है। लोगों के विरोध करने के बाद उसे तिलक करने से मना कर दिया गया। मंदिर के महंत का कहना है कि यह व्यक्ति पिछले चार दशकों से भक्तों को तिलक लगाने के लिए आता रहा है। लोगों की आंखों के सामने उसने हमेशा साधु का भेष धारण किया और किसी ने भी उसके बारे में संदेह नहीं किया। बता दें कि मंदिर में चार दिसंबर से मेला चल रहा था। मंदिर समिति के सदस्य के परिवार की बेटियां पूजा करने आई थीं। वापसी के समय उन्होंने देखा कि यह व्यक्ति महिलाओं को तिलक लगा रहा है। इस ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.