आगरा, फरवरी 23 -- अपहरण एवं दुराचार के मामले में पीड़िता अपने पूर्व बयानों से मुकर गई। अदालत ने पीड़िता के विरुद्ध विधिक कार्रवाई के आदेश दिए। साथ ही आरोपित को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। वादी ने थाना लोहामंडी में तहरीर दी थी कि उसकी 18 वर्षीया पुत्री 15 दिसंबर की दोपहर घर से चली गई थी। तलाश के बाद आरोप लगाया गया कि करन उसे बहला-फुसलाकर ले गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। 8 माह बाद पीड़िता घर लौटी। उसने पुलिस को बताया था कि बाजार से उसका अपहरण कर बेंगलुरु ले जाया गया। वहां किराए के मकान में उसके साथ कई बार दुराचार हुआ। मौका पाकर वह भाग आई। मेडिकल के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज हुए। कोर्ट में पीड़िता ने कहा कि वह आरोपित को नहीं जानती। वह नाराज होकर रिश्तेदारी में गई थी। पुलिस के दबाव में बयान दिए थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता नरेंद्र...