एटा, दिसम्बर 9 -- दुधारू गोवंशों की बेहतर देखरेख करने के साथ उनको धीमा संगीत सुनाकर पशुपालकों को दूध उत्पादन में अभूर्तपूर्व वृद्धि देखने के लिए मिल रही है। जबकि मारपीट करने पर दुध उत्पादन में कमी देखने को मिल रही है। यह दुनिया भर में हुए शोध के बाद जिले के पशुपालकों द्वारा अपनाने पर प्रमाणित हुआ है। पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रामब्रजराम के अनुसार डेनमार्क में हुए शोध और स्थानीय पशुपालकों के अनुभव बताते हैं कि धीमा संगीत (स्लो म्यूजिक) दुधारू गोवंशों में दूध उत्पादन को बढ़ाने का एक प्रभावी और तनाव-मुक्त तरीका हो सकता है। पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि संगीत सुनाने से पशुओं के दूध उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हो सकती है। जिस तरह मनुष्य शांत और मधुर संगीत सुनकर आराम महसूस करते ह...