गोरखपुर, जनवरी 6 -- चौरीचौरा/सरदारनगर, हिन्दुस्तान संवाद। चौरीचौरा क्षेत्र के दुधई गांव स्थित 200 एकड़ से अधिक सीलिंग की भूमि पर काबिज किसानों का दर्द बढ़ता जा रहा है। भूमि पर लगातार 40 वर्षो से काबिज किसान अपने भूमि को हाथ से निकलने को लेकर चिंतित है। किसानों का कहना है कि उन लोगों ने मजीठिया परिवार से ही भूमि खरीदा था, लेकिन बैनामा नही हुआ। बाद में वह भूमि सीलिंग एक्ट से प्रभावित हो गया और उनकी भूमि का नामांतरण नही हुआ और वे बेदखल हो सकते हैं। स्थानीय किसान सत्यराम, गुलाब मुंशी, अनिरुद्ध सिंह, रामसूरत, परमानंद, महेंद्र, देवदत्त, त्रिलोकी, जय सिंह, बृजबिहारी, केशरी ओझा, अरुण कुमार, पांचू, सीताराम सहित दर्जनों किसानो का कहना है कि उनकी कृषि योग्य भूमि दुधई में स्थित है। दुधई में ही कुछ लोगों की भूमि सीलिंग मुक्त हुई और भूमि पर कब्जा भी हुआ ...
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