नवादा, फरवरी 12 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। रहमतों की बारिश और गुनाहों से छुटकारे की रात का प्रतीक पर्व शब-ए-बरात 13 फरवरी की शाम मगरिब की नमाज से शुरू कर सुबह सादिक तक इबादतपूर्वक मनाया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के लोग पूरी रात जागकर अल्लाह की इबादत में लीन रहेंगे। वहीं, अगले दिन मुस्लिम अकीदतमंद रोजे रखेंगे। छोटे-बड़े सभी पूरी रात अल्लाह पाक की इबादत कर गुनाहों की माफी मांगेंगे। इस दौरान घरों में तरह-तरह के पकवान भी बनेंगे। अपने पूर्वजों की कब्र पर जाकर दुआ-ए-मगफिरत भी की जाएगी। शाम से ही मस्जिद सहित जगह-जगह दुआ ए-जलसा भी आयोजित होंगे। शब-ए-बरात को लेकर बच्चे, बूढ़े, जवान सभी उत्साहित नजर आ रहे हैं। शब-ए-बरात त्योहार को लेकर एक सप्ताह पूर्व से ही इसकी तैयारियों में मुस्लिम परिवार जुटे दिख रहे हैं। वहीं मस्जिद, कब्रिस्तान, दरगाहों पर भी व...
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