देवघर, फरवरी 13 -- सारठ। सारठ के अजय नदी तट स्थित अति प्राचीन दु:खहरण महादेव मंदिर प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक धरोहर में से एक है। दुखिया बाबा के नाम से विख्यात इस मंदिर व बाभनगामा अजय नदी पुल के पास सती घाट के संदर्भ में अनेक लोक कथाएं प्रचलित है। कहा जाता है कि जिस प्रकार वैद्यनाथ महादेव की पूजा-प्रतिष्ठा लंकेश रावण ने की थी, उसी प्रकार द्वापर युग में इस दुखिया बाबा की पूजा पांडवों ने की थी। इसके प्रमाण के तौर पर इस क्षेत्र के बूढ़े-पुराने लोगों द्वारा बताया जाता है कि यहां से 6 मिल दूर स्थित पथरड्डा पहाड़ पर चट्टानों में भीम के पांव, धनुर्धर अर्जून के रथ के पहियों का निशान आदि इस ओर इशारा करते हुए कहते हैं कि अपने वनवास के समय पांडव इसी रास्ते से होकर गुजरे थे। उसी क्रम में अपने पूर्वजों से मुलाकत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके क...