गोरखपुर, नवम्बर 5 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। दीपावली का त्योहार अब केवल दीपक जलाने तक सीमित नहीं रहा। समय के साथ शहर में लगी रंग-बिरंगी झालरों ने उत्सव की रौनक पर चार चांद लगा दिया है। पहले जहां दीपावली के कुछ दिनों बाद ही घरों से झालरें उतर जाया करती थीं, वहीं अब यह परंपरा बदल चुकी है। झालरों की टिमटिमाती रोशनी से अब देव दीपावली तक ज्यों की त्यों बनी रहती है। ज्योतिषाचार्य पं. शरद चंद मिश्र के अनुसार, दीपों का पर्व कहा जाने वाली दीपावली कुछ समय पूर्व दीपक की सुनहली रोशनी के साथ संपन्न हुआ करती थी। धीरे-धीरे रंग बदला और दीपों के साथ झिलमिलाते झालर और आगामी त्योहार भी इस पर्व का हिस्सा बनते चले गए। सिद्धि योग में आज मनाई जाएगी देव दीपावली कार्तिक मास की पूर्णिमा इस वर्ष 5 नवम्बर, बुधवार को सिद्धि योग में मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पं. जितें...
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