लोहरदगा, अक्टूबर 9 -- लोहरदगा, संवाददाता। दीपावली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, मिट्टी के दीपक और पारंपरिक खिलौनों के निर्माण में तेजी आ गई है। स्थानीय कुम्हार और मिट्टी कलाकार दिन-रात मेहनत कर त्योहार की तैयारी में जुटे हैं। दीपावली का पर्व उनके लिए परंपराओं में भागीदारी के साथ सालभर की सबसे बड़ी कमाई का अवसर होता है, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। हालांकि, इस बार लगातार हो रही बारिश ने उनके काम में बड़ी बाधा डाल रखी है। गीली मिट्टी और लगातार नमी के कारण दीपक व खिलौने समय पर सूख नहीं पा रहे हैं। जिससे तैयार माल में टूट-फूट का खतरा बना हुआ है। कई कुम्हारों का कहना है कि बारिश ने इस बार उनकी मेहनत को पानी- पानी कर रखा है। वहीं कुम्हार प्रजापति ट्रस्ट ने नगर प्रशासक से दीपावली के दौरान दुकान लगानेवाले मिटटी के कारीगरों की चुंगी माफ ...
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