कोडरमा, अक्टूबर 11 -- झुमरी तिलैया निज प्रतिनिधि। दिवाली का त्यौहार नजदीक आते हीं कुम्हारों का चाक एक बार फिर रफ्तार पकड़ी है। कई तरह दीपक, कलश आदि मिट्टी के सामान बनने लगे हैं। इस कार्य में कुम्हार परिवारों के सभी सदस्य भी दिन-रात तन-मन से जुटे हैं। आवां में पक चुके मिट्टी के खिलौनों और मूर्तियों का तेजी से रंग-रोगन का काम चल रहा है। इस बार उन्हें अच्छे व्यवसाय की उम्मीद भी है। लेकिन सरकारी स्तर पर उन्हें कोई विशेष सुविधा न मिलने से उन्हें इस स्वरोजगार से मोह भंग हो रहा है। हालांकि इस बार लंबे समय तक बारिश से कुम्हारों को काफी निराशा हुई है। इस संबंध में झुमरी तिलैया झांझरी गली स्थित कुम्हार परिवार के सुनील प्रजापति ने बताया कि उनका परिवार करीब 40 सालों से इस व्यवसाय से जुड़े हैं। आज हर चीज की महंगाई बढ़ रही है, लेकिन उनके मेहनताना का वा...
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