बरेली, फरवरी 5 -- संजय कम्युनिटी हॉल परिसर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया दीनदयाल उपाध्याय सरोवर इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा में है। सरोवर का पानी गंदा और दुर्गंधयुक्त होने के कारण इसके पास कुछ देर खड़ा होना भी मुश्किल है। ऐसे में बोटिंग सुविधा शुरू करने के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। परियोजना के तहत तालाब का सौंदर्यीकरण, पानी की सफाई और बोटिंग की सुविधा शुरू करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन पूरी योजना कागजों में ही सीमित रह गई। सरोवर निर्माण के बाद से अब तक एक दिन भी इसका उपयोग नहीं हो सका। साफ पानी और मेंटेनेंस के नाम पर जो वादे किए गए थे, उनमें से किसी पर अमल नहीं हुआ। केंद्र और राज्य सरकार ने शहर की स्मार्ट सिटी योजनाओं की पूरी रिपोर्ट मांगी है। अधूरी और बंद पड़ी परियोजनाओं की सूची में ...