भुवनेश्वर, मई 2 -- पश्चिम बंगाल के दीघा में नवनिर्मित जगन्नाथ मंदिर को लेकर चल रहा विवाद अब उड़ीसा और पश्चिम बंगाल सरकारों के बीच राजनीतिक और सांस्कृतिक टकराव में बदल गया है। उड़ीसा की सरकार ने हाल ही में उन आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर की पवित्र नीम की लकड़ी का इस्तेमाल दीघा मंदिर के लिए मूर्तियां बनाने में किया गया था। शुक्रवार को उड़ीसा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के प्रमुख अरबिंद पाधी को इन दावों की जांच करने के आदेश दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि दीघा मंदिर के लिए मूर्तियां बनाने में पुरी के 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर में 2015 में आयोजित नवकलेवर समारोह से बची हुई नीम की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। नवकलेबर अनुष्ठान में भगवान जगन्नाथ, भगवान...
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