पटना, जून 20 -- सूबे में पहली बार दीघा और कंकड़बाग सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से हर दिन 4.5 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। दोनों एसटीपी में टरबाइन, गैस चेंबर और बलून का निर्माण पूरा हो चुका है। दीघा एसटीपी से 3 मेगावाट और कंकड़बाग एसटीपी से 1.5 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यही नहीं दीघा और कंकड़बाग एसटीपी खुद की बिजली से चलेगी। 70 फीसदी बिजली की आपूर्ति प्लांट से ही हो सकेगी। दीघा और कंकड़बाग एसटीपी से सीवरेज का उपचार होने के बाद निकलने वाले स्लज से गैस उत्पादित की जाएगी। स्लज से दो तरह के गैस निकलेंगी। एक मिथेन और दूसरा हाइड्रोजन सल्फेट। बिजली के उत्पादन के लिए मिथेन गैस का उपयोग किया जाएगा। हाइड्रोजन सल्फेट गैस जो अत्यधिक खतरनाक होता है। उसे तकनीक के माध्यम से मिथेन गैस से अलग कर उसे पूरी तरह जला दी जाएगी। बची हुई 40 फीसदी मिथेन को गैस चेंबर...
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