देहरादून, जनवरी 13 -- उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से उत्तराखंड में सूखे जैसे हालात हो पैदा हो गए हैं। फल, सब्जी के साथ ही गेहूं, जौ, मटर, सरसों की फसलों को 25 फीसदी तक नुकसान हो चुका है। जल स्रोतों पर पानी का डिस्चार्ज 20 फीसदी तक घट गया है। सूखी ठंड के बीच अत्यधिक पाला पड़ने से ग्लेशियर फ्रीज होने लगे हैं, इससे बिजली उत्पादन 64 फीसदी तक कम हो रहा है। सबसे बड़ी चिंता जनवरी में ही जंगलों की आग के रूप में सामने आई है। नमी कम होने से वनाग्नि की घटनाएं अभी से लगातार बढ़ने लगी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक सीएस तोमर का कहना है कि नवंबर में 98 फीसदी तो दिसंबर और जनवरी सूखे गुजर गए। इस बार कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ नहीं आने की वजह से इस तरह के हालात बने हैं। 17 और 18 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना बन रही है।जल संकट क...
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